Quantum computer क्या है? कैसे काम करता है | क्वांटम supremacy in Hindi

Computers बहुत जगह उपयोग में लिए जाते है, बिना कम्प्यूटर के सोच पाना बहुत मुश्किल है. कई सालो से technology में परिवर्तन होते रहे है. ऐसे में एक नयी टेक्नोलॉजी के बारे में जानिये, quantum computer क्या है. कैसे यह हमारे आज के कंप्यूटर से तेज है.

Quantum computer क्या है

Quantum computer क्या है

जो computer, computation करने के लिए quantum bits का इस्तेमाल करते है, उसे Quantum computer कहते है.

आज के समय में हम जिस computers का उपयोग कर रहे है, smartphones, cameras, laptops, यहाँ तक की सरकार जो super computers use करती है. वह सभी एक classical computer है.

हम हररोज classical computers का लाभ ले रहे है. वैसे तो हमारे सारे जरूरी काम यह आसानी से कर देते है. लेकिन कई ऐसे problems है, जो आज के system कभी भी solve नहीं कर पाएंगे।

कुछ complex operations करने के लिए दुनिया में जरूरी computational power नहीं है.

तो हमें ऐसे computers की जरुरत है, जो ऐसे टास्क तेजी से कर पाए. Quantum computers बहुत ही fast है. और ऐसे task आसानी से कर सकते है.

कैसे काम करते है

पहले जानिए की classical computers कैसे काम करते है.

वैसे तो computers में कई सारे पार्टस है, लेकिन processor एक ऐसा हिस्सा है जो computer के सारे calculation करता है.

Processor में सबसे छोटा पार्ट transistor होता है. ऐसे करोडो खरबो transistor एक processor के अंदर होते है.

कंप्यूटर सिर्फ दो ही नंबर समझता है, “0” और “1” जिसे binary number कहा जाता है.

मतलब अगर transistor on है तो “1” समजा जाता है, और अगर off है तो “0”.

कोई भी software जो आप use करते हो, या कोई गेम खेलते हो, उसे कंप्यूटर binary numbers में ही प्रोसेस करता है.

सबसे छोटा डाटा जो, कंप्यूटर process कर सकता है, उसे bit कहते है. यातो bit “0” हो सकता है, या तो “1” हो सकता है.

क्वांटम कंप्यूटर कैसे काम करते है

क्वांटम computer, Quantum mechanics के सिद्धांत पर काम करते है. यह “bits” की जगह Qubits में काम करते है.

Qubits को क्वांटम bits भी कहा जाता है.

सामान्य computer, bits में काम करते है. bit एकही समय पर या तो 0 हो सकता है, यातो 1 हो सकता है.

लेकिन Qubit, state पर काम करते है. यह एक ही समय पर 0 और 1 दोनों state में हो सकता है. इस वजह से quantum computer एक साथ बहुत सारी calculations कर पाता है. और यही बात इसे तेज बनाती है.

जब तक इन Qubits को observe नहीं किया जाता, वह एक ही साथ सभी possible state में होते है. जिसे spinning state कहा जाता है.

Spinning state को 1 और 0 से measure करने की जगह “up” ,”down” ,और “both” नाम के तीन state से measure किया जाता है.

इन Qubit के state को create करने के लिए quantum-mechanical phenomena जैसेकी superposition और entanglement का उपयोग होता है.

कई सारे तरीके से qubit को create किया जा सकता है.

जिसमे से एक method में superconductivity के उपयोग से quantum state को create और maintain किया जाता है.

Superconducting qubits के साथ विस्तारित समय तक काम करने के लिए, इन्हे बहुत ही ठंडे तापमान पर रखना पडता है.

System में कोई भी ऊष्मा error ला सकती है. इसलिए Quantum computers को absolute zero तापमान पर vacuum में चलाया जाता है.

Qubit kya hai

Quantum supremacy क्या है

यह एक term है, जोकि 2012 में theoretical physics के professor Jhon Preskill ने दी थी.

Quantum computing के बारे में हमारे पास theory में तो काफी जानकारी है, लेकिन इसको reality में create करके उपयोग करने के लिए हम अभी बहुत दूर है.

हम अभी भी इसे commercially उपयोग में नहीं ले सकते।

जब हम ऐसा quantum computer बना लेगे जो, आज के computers को पीछे छोड दे तब हम कह सकते है, की हमने quantum supremacy को achieve कर लिया है.

और कुछ ऐसा ही google कंपनी ने थोडे समय पहले कर दिखाया है.

2018 तक गूगल ने Bristlecone नाम का 72 Qubit वाला processor बना लिया।

क्वांटम प्रोसेसर Bristlecone

गूगल का कहना है, की उन्होंने ऐसा processor बना लिया है. जो की जटील calculation को 200 सेकंड में कर सकता है, जिसे करने में classical computers को 10,000 साल लग जाते।

इससे साबित होता है, की हम quantum technology को use कर सकते है.

IBM, Intel, Microsoft कंपनिया और कई startups जैसे D-wave भी क्वांटम कंप्यूटर बनाने में लगे हुए है.

अभी भी यह technology अपने शरुआती दौर में है, और बहुत समय लगेगा बाजार में आने में.

Possibilities

एक ही समय पे बहुत सारे calculations perform करने की वजह से इसका उपयोग Artificial Intelligence और Machine learning में किया जा सकता है.

आज के security system को quantum computers से बडा खतरा है. क्योकि यह encryption को आसानी से तोड सकते है.

सन 1994 में Peter Shor ने integers को factor करने के लिए एक quantum algorithm बनाया था, जो आजके secured communication को decrypt कर सकता है.

इसी तरह, strong encryption को भी बनाया जा सकता है.

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Mohit

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