Newton के गति के नियम। first, second & third law of motion in Hindi.

Newton एक महान वैज्ञानिक थे. उन्होंने अपने जीवन काल में physics और mathematics के कई क्षेत्रो में काम किया है. वह जब सिर्फ 23 साल के थे, तब उन्होंने सन 1666 में गुरुत्वाकर्षण के नियम खोजे थे. उसके 20 साल बाद सन 1686 में  “Principia Mathematica Philosophiae Naturalis” किताब के द्वारा newton के गति के नियम दुनिया के सामने रखे. हमने यहाँ newton’s laws of motion in Hindi में बताये है.

Newton के गति के नियम | laws of motion in Hindi

Newton के गति के नियम

न्यूटन की गति के कुल तीन नियम है. पहला नियम जडत्व का नियम है. जिसे law of inertia भी कहा जाता है.

दूसरा नियम संवेग का नियम है. इसे बल का नियम भी कहा जाता है.

तीसरा नियम क्रिया-प्रतिक्रिया का नियम है.

Newton’s first law of motion in Hindi

” अगर कोई भी वस्तु आराम (स्थिर) की अवस्था में है, या कोई भी वस्तु गति की अवस्था में है, तो वह आराम की या गति की अवस्था में ही रहेगी, जब तक उसपर बाहरी बल नहीं लगाया जाता। “

दूसरे शब्दों में इस तरह से भी लिख सकते है.

” यदि कोई भी वस्तु आराम की अवस्था (स्थिर अवस्था) में है तो वह स्थिर अवस्था में ही रहेगी, तथा जो वस्तु अगर गति में है, तो वह गतिमें ही रहेगी जब तक कि उस पर बाहरी बल नहीं लगाया जाता। “

First law of motion in Hindi

Any object will remain in rest or any object will remain in motion until and unless any external force is applied on that.

First law of motion को जडत्व का नियम भी कहा जाता है.

उदहारण के लिए :

चलती बस जब अचानक रुक जाती है तो, उसमे बैठे यात्री आगे की और झुक जाते है. और जब बस अचानक से चलने लगती है, तो उसमे बैठे यात्री पीछे की और झुक जाते है.

बस में अचानक से ब्रेक लगाने पर बस तो रुक जाती है, लेकिन हमारा शरीर तो गतिमान अवस्था में होता है, इस लिए हम आगे की और झुक जाते है.

The second law of motion in Hindi

Second law of motion in Hindi

किसी भी वस्तु के संवेग मे आया बदलाव का दर, उस वस्तु पर आरोपित बल के समानुपाती होता है तथा समान दिशा में घटित होता है।

उदहारण के लिए :

क्रिकेट खेलते वक्त तेजी से आती गेंद को पकडने के लिए खिलाडी अपने हाथो को पीछे खींच लेते है, जिससे गेंद का वेग कम किया जा सके और हाथो में कम चोट लगे.

तेज आती गेंद में ज्यादा वेग होता है, इसलिए उसका संवेग ज्यादा होता है, और हाथ पीछे खिंच लेने से समय को बढाया जाता है. इससे संवेग का बदलाव का दर कम होता है. यह करने से हाथ में लगने वाले गेंद का बल कम होता है, और हाथ में कम चोट लगती है.

इसे equation में ऐसे भी लिख सकते है,

F  ∝  dP/dt

जहा F बल, P संवेग, और t समय है.

इस equation में dP का मतलब संवेग में होता बदलाव,और dt मतलब समय में होता बदलाव है,

आगे इस equation को derive किया जाए तो,

F  ∝  dP/dt

F  ∝  (mv – mu)/ t

F  ∝ m(v-u) / t

F  ∝  ma

F  = k × ma

F = ma

जहा, m = द्रव्यमान, v= अंतिम वेग , u= प्रारंभिक वेग, a= त्वरण, k = constant है.

Newton का यह नियम संवेग का नियम है.

दूसरे शब्दों में न्यूटन के गति के दूसरे नियम को इस तरह से भी लिख सकते है,

” किसी वस्तु पर लगाया गया बल, उस वस्तु के द्रव्यमान और त्वरण का गुणन होता है. “

Third law of motion in Hindi

Third law of motion in Hindi

“हर एक क्रिया के समान और विरुद्ध दिशा में प्रतिक्रिया होती है. “

उदहारण के लिए :

  1. बन्दुक चलाते समय, गोली की दिशा के विरुद्ध में चलाने वाले को धक्का लगता है.
  2. रोकेट जब fuel का दहन करता है, तब उसमे से निकली गैस रोकेट को ऊपर की तरफ धक्का देती है.
  3. घर्षण (friction) में भी तीसरा नियम लगता है. friction की वजह से ही, कोई भी चीज पृथ्वी पर अचल समय के लिए गति में नहीं रहती।

तीसरे newton ke gati ke niyam को क्रिया-प्रतिक्रिया का नियम कहा जाता है.

दोस्तों, न्यूटन ने जो विज्ञान के क्षेत्र में काम किया है, वह कल्पना के बहार है. वह एक बुद्धिमान वैज्ञानिक थे.

आधुनिक विज्ञान में कई सारे अविष्कार newton के गति के नियम पर आधारित है. जैसे की rocket, aircraft, आधुनिक इंजन, turbine और कई उदहारण है.

हम विज्ञान से जुडी जानकारी की बाते बताते रहते है. हमें कमेंट में बताये की आपको हमारी newton law in Hindi में दी गयी यह जानकारी कैसी लगी.

 

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Mohit

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