Hyperloop क्या है? कैसे काम करता है

समय के साथ technology में विकास होने से transportation के कई विकल्प आते गए. आज bullet train जैसी high speed train भी है. और इंसान को मंगल ग्रह पर भेजने की बाते हो रही है. लेकिन, कैसा हो अगर हम, जमीन पर aircraft की speed से travel कर पाए! ऐसी speed, hyperloop से हासिल की जा सकती है. आपको इस लेख में, hyperloop क्या है पता चल जाएगा।

Hyperloop क्या है

यह एक नयी transport सिस्टम है. जिसमे एक बडी tube के अंदर pod travel करता है. pod, 760 mph यानी 1200 km/h जितनी speed से ट्रेवल कर सकता है.

Hyperloop kya hai

इतनी स्पीड किसी भी जेट विमान या fastest train से ज्यादा है. इसकी tube को loop कहा जाता है. इसलिए इसका नाम hyperloop रखा गया.

हायपरलुप के concept को सबसे पहले 2012 में elon musk सबके सामने लाए थे. tesla और spacex ने साथ मिलकर इस concept को open source किया। मतलब कोई भी कंपनी इस technology पर काम कर सकती है.

लेकिन, tubes की मदद से transport का idea २०० साल पुराना है. सन 1799 में ब्रिटिश inventor George Medhurst ने transport के लिए एक air propulsion tube का patent करवाया था.

Elon musk का कहना है, की hyperloop pods train से ज्यादा fast और safe होंगे और air craft के मुकाबले environment को काम नुक्सान पहुचायेंगे।

 कैसे काम करता है

जिन दो शहरों के बिच ट्रेवल करना है, उनके बिच लम्बी tube बनादि जाती है. जिसके अंदर pod या capsule travel करेगा।

Hyperloop kaise kaam karta hai

Tube पूरी तरह से vacuum में होता है. जिससे tube के अंदर बहुत ही कम मात्रा में हवा रह पाती है.

हवा ना के बराबर होने के कारण air resistance बिलकुल ही काम होता है.

Hyperloop में pod, maglev train के concept पर चलता है. जिससे pod का पटरी से कोई contact नहीं होता। इस कारण बहुत कम friction होता है. और इसी वजह से ज्यादा speed को achieve किया जा सकता है.

सामान्य रूप से motors rotary type की होती है. लेकिन hyperloop में motor linear यानी रेखीय दिशामे मोटर की गति होती है.

फायदे

Trains और highways की तरह इसमें बहुत ज्यादा जमीन की जरूरत नहीं होती।

Hyperloop एक efficient और कम energy use करने वाला project है. इसके energy का source कोई भी हो सकता है. और इसमें 100% wind energy का use किया जा सकता है.

घंटो  travel time को मिनिटो में ख़तम किया जा सकता है. इसमें  बैठने के बाद सीधा destination पर ही पहुंचेंगे। क्योकि ट्रैन की तरह बीचमे stations नहीं होते।

दिखने में भले ही यह expensive technology लगती हो, लेकिन बाकी train projects के मुकाबले कम खर्चे पर इस प्रोजेक्ट को develop किया जा सकता है.

खराब weather conditions में भी hyperloop safe रहेगा।

Environment friendly है. और noise pollution भी कम रहेगा।

Side effects

इतने सारे फायदों के बावजूद इसके कुछ side effects भी है. capsule की size छोटी होने की वजह से उसमे space बहुत कम रहेगी।

ज्यादा speed होने की वजह से कुछ लोगो को शुरू में uncomfortable feel हो सकता है.

हो सकता है की, इस technology के implementation के लिए बहुत से पेड काटने पडे.

Companies

कई देश की सरकार चाहती है, की उनके देश में hyperloop का project शुरू किया जाए.

जोकि यह concept open source है, कई कंपनिया अपने ideas को लेकर इस technology पर काम करने में जुट गयी है.

इन में, निचे दी गयी companies काम कर रही है.

  • Virgin Hyperloop One
  • Hyperloop Transportation Technologies (HTT)
  • TransPod Inc
  • Arrivo
  • Hyper Poland

बहुत जल्दी hyperloop हमारे सामने होंगे। इसमें से Virgin Hyperloop One कंपनी 2021 तक पहला project खतम कर देगी।

hyperloop in India

भले ही. इस technology का idea बहुत पहले आ चूका था लेकीन इस पर काम अभी भी जारी है.

फिलहाल hyperloop के कई सारे routes decide हुए है. जिसमे से भारत में दो rout पर इसका काम चल है.

पहला मुंबई से पुणे और दूसरा विजयवाडा से अमरावती।

न्यूयोर्क से वाशिंगटन डी.सी, Kansas city से ST. Luis, Bratislava से Brno शामिल है.

टिकट की price कितनी होंगी यह तो फ़िलहाल कहा नहीं जा सकता। लेकिन कंपनियो का धयेय इसे affordable बनाना है.

Safety in Hyperloop

बिलकुल नयी technology होने की वजह से, और ऊपर से ultra sonic speed के चलते लोगो का safety सवाल उठना लाजमी है.

कई लोगो का कहना है, की vacuum की मात्रा ज्यादा होने की वजह से tube बहार से फट सकती है.

लेकिन tube के लिए मजबूत और thick steel की sheet का उपयोग किया जाता है.

सारे सेफ्टी टेस्ट के assure होने के बाद ही, passengers के लिए इसे सेफ माना जाएगा।

महाराष्ट्र सरकार ने अभी के लिए Mumbai-Pune के hyperloop project पर रोक लगादी है.

सरकार का कहना है की, दुनिया में किसी और जगह hyperloop success हो जाए, उसके बाद वह इस पर से रोक हटा लेगे।

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Mohit

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